कूछ दिनो पहले देश के होम मिनिस्टर साह्ब पी.चिदंबरम इन्होने एक नया आविष्कार किया है। उनका यह मानना है की देश मे भगवा आतंकवाद फ़ैल रहा है। ऒर इसके पीछे तमाम हिंदूत्ववादी संघठन है। अगर सच्चाई देखी जाए तॊ सदियॊं से सहिष्णू ,सत्य ऒर अहिंसा के तत्व की नीव है ऎसे हिंदू धर्म पर यह एक सरासर झूठा ही नही बल्कि घीलॊना आरोप है, ऒर अगर भविष्य मे कूछ नॊजवान भावनाओके आवेश मे आकर कूछ गलती कर भी बैठे तो उसके जिम्मेदार होगे आप जैसे लोग ऒर आपके पार्टी की अल्पसंख्यको के प्रति नीतीया जो सरेआम हर तरह से हो रहे तूष्टीकरण करने मे मदहोश है। आप का नजरिया हमेशा ही हर हिंदू को यह सोचने पर मजबूर करता है की “क्या यह मेरी बडी गलती है की मै हिंदू हूं ?”। मै चिदंबरम साहब से कूछ सवाल पूछना चाहता हूं।
क्या हूआ दंतेवाडा का ?
नक्सलिझम, पिछ्ले दो साल से नक्सलिझम की समस्या ने देश को परेशान कर रखा है। दंतेवाडा मे जो कूछ हुआ उस दुर्दॆवी घटना के बाद सरकार ने कॊनसे कदम उठाए ? शर्म की बात है की उस घटना के बाद पूरे देश को पता चला की हमारी पूरी सुरक्षा यंत्रणा मे आपसी तालमेल कूछ भी नही है। होम सेक्रेटरी का एक बयान उसके बाद सी.आर.पी.एफ़.का अलग बयान होम मिनिस्टर साह्ब तो प्रश्न सूलझाने के बजाए त्यागपत्र देने पर तूले हुए थे। भारतीय रेल तो मानो नक्सलिझम का पहला निशाना बन चुका है। सरकार अभी तक यह तय नही कर पाय़ी है की नक्सलिझम का मूकाबला कैसे किया जाए। सी.आर.पी.एफ़.का कहना था की हमले मे जो जवान मारे गये उनका प्रशिक्षण ही नही हुआ था। अगर यह सच है तो फिर इसका सीधा मतलब यही है की सी.आर.पी.एफ़. ने उन्होने सिर्फ़ मरवाने के लिए भेजा था। मुंबई मे आतंकवादी हमले के बाद सरकार की तरफ़ ऎसा कुछ भी नही हूआ जिससे हम यह कह सहे की आम आदमी की जान ऒर माल की पूरी सुरक्षा की जा चूकी है। क्या इसका जवाब है चिदंबरम साहब के पास।
क्या हूआ बांगलादेशी घुसपैठीऒ का ?
देश के महत्वपूर्ण शहरॊ मे बांगलादेशी घूसपैठीऒ की संख्या दिनोदीन बढती जा रही है। इसका सीधा असर देश की कानून ऒर सूव्यवस्था पर पड रहा है। यही घूसपैठी खतरनाक गुनहगार बन रहे है। होम मिनिस्टर साहबने इस खतरनाक समस्या क्या हल निकाला है?
कब रुकेंगे आर.टी.आय.कार्यकर्ता,पत्रकार,महिलाऒ पर हमले ?
सूचना अधिकार क्या इस्तेमाल कर रहे कार्यकर्ताऒपर विगत साल से लगातार हमले हो रहे है। अगर ऎसा ही चलता रहा तो सूचना अधिकार का इस्तेमाल कॊन करेगा? ऒर जब कोई उपयोग ही नहॊ तो उस कानून का क्या फ़ायदा? पूरे देश मे पत्रकारॊ पर हमले हो रहे है । इस के बारे मे गुनाह्गार किसी भी सजा के बिना बाइज्जत बरी हो जाते है।क्या चिदंबरम साहब ऎसा एक उदाहरण बता सकते है, जिसमे गुनाह्गारॊ कॊ सजा मिली हो? देश की महिलाऒ पर अत्याचार ऒर लैगिंक उत्पीडन आज भी थमा नही है।
इस देश मे किसीकॊ कानुन का भय ही नही रहा। गुनाहगारॊ को कानून का भय ही न होने के कारण, गुनाहो कि संख्या मे लगातार बढोतरी हो रही है। चिदंबरम साहब आप नया आविष्कार करने बजाए , देश मे बढ रही समस्याऒ का समाधान निकाले तो बेहतर होगा। भगवा कभी आतंकवादी न बन है, ऒर नही कभी बनेगा। आप सिर्फ़ मतो के लिए तूष्टिकरण बंद कर देंगे तो यह आपका देश पर सबसे बडा उपकार होगा।




ब्लॉग हिंदी भाषेत का??
सर
मी दैनिक भास्करला ते पत्र पाठवले होते.त्यामूळे हिंदी बाकी काही नाही.
आपली प्रतिक्रियेची प्रतिक्षा करतो.
प्रसाद
Hindi Blog ka ??
सर
मी दैनिक भास्करला ते पत्र पाठवले होते.त्यामूळे हिंदी बाकी काही नाही.
आपली प्रतिक्रियेची प्रतिक्षा करतो.
प्रसाद …